फ़र्क पड़ेगा, जरूर फ़र्क पड़ेगा।
फ़र्क पड़ेगा, जरूर फ़र्क पड़ेगा।
बहिष्कार करने से फ़र्क पड़ेगा।
चीन सामान का बहिष्कार करने से फ़र्क पड़ेगा।
लोगों ने गाँधी जी को पढ़ना छोड़ दिया है,
सिर्फ मुद्दा बना के रख दिया है।
इसलिए इन लोगों को फ़र्क नहीं पड़ेगा।
क्या इनको गाँधी जी द्वारा खड़ा किया "खादी स्वदेशी आंदोलन" याद नहीं।
या फिर लाला जी (लाला लाजपत राय) का "स्वदेशी आंदोलन" याद नहीं।
आंदोलन को "स्वराज की आत्मा" कहा जाता था।
या फिर "दांडी मार्च" भूल गए।
"यह गाँधी जी का दिया हुआ फॉर्मूला है कभी फेल नहीं होता है।"
फ़र्क पड़ेगा, जरूर फ़र्क पड़ेगा।
चीन की अर्थव्यवस्था पर चाहे फर्क पड़े या न पड़े
पर हमको आत्मनिर्भर बनने में जरूर मदद करेगा।
गरीब की ज़िन्दगी को बदलने में जरूर मदद करेगा।
- रोमिल राज
Comments
Post a Comment