कलम है मेरे हाथ में... क़िरदार है मेरे बस में... मैं कहानी पलट भी सकता हूँ...
कलम है मेरे हाथ में...
क़िरदार है मेरे बस में...
मैं कहानी पलट भी सकता हूँ...
और
कभी शख्त
कभी मुलायम
कभी गीला...
मौसम के साथ मिट्टी का किरदार बदलता रहता है...
और
उसके एक रंग में कई रंग छूपे है...
वह इंसान है या गिरगिट है...
और
कई लोग मेरे साथ कंधे से कंधे मिलाये खड़े तो है...
पर कोई मेरे साथ चल नहीं रहा...
#रोमिल अरोरा
क़िरदार है मेरे बस में...
मैं कहानी पलट भी सकता हूँ...
और
कभी शख्त
कभी मुलायम
कभी गीला...
मौसम के साथ मिट्टी का किरदार बदलता रहता है...
और
उसके एक रंग में कई रंग छूपे है...
वह इंसान है या गिरगिट है...
और
कई लोग मेरे साथ कंधे से कंधे मिलाये खड़े तो है...
पर कोई मेरे साथ चल नहीं रहा...
#रोमिल अरोरा
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