बुराई को न कभी गले लगाओ...
अम्मी कहती थी...
बुराई को न कभी गले लगाओ...
ग़म के दिनों में भी हँसो-मुस्कुराओ...
पैसा तो सब कमा लेते है "भालू"
लोगों के दिलों को कमा के दिखाओ..
घर छोटा सही, अपना तो है...
इसी को प्यार-संस्कार से सजाओ...
जीत हमेशा सच की होती है "भालू"
डर कर कभी झूठ के सामने सर न झुकाओ...
ऐवई ही तकिये दे नाल रोया करता है...
अम्मी हूँ तेरी...
कभी तो मैनू अपने दिल दा हाल सुनाओ...
- सन
बुराई को न कभी गले लगाओ...
ग़म के दिनों में भी हँसो-मुस्कुराओ...
पैसा तो सब कमा लेते है "भालू"
लोगों के दिलों को कमा के दिखाओ..
घर छोटा सही, अपना तो है...
इसी को प्यार-संस्कार से सजाओ...
जीत हमेशा सच की होती है "भालू"
डर कर कभी झूठ के सामने सर न झुकाओ...
ऐवई ही तकिये दे नाल रोया करता है...
अम्मी हूँ तेरी...
कभी तो मैनू अपने दिल दा हाल सुनाओ...
- सन
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