माँ के क़र्ज़ बहुत है...
कि मुझ पर फ़र्ज़ बहुत है....
माँ के कर्ज़ बहुत है...
अपनी खाल निकलवाकर,
उसकी जूती बनवाकर भी जो माँ के पैरों में पहनाऊ... तब भी कम है...
माँ के कर्ज़ बहुत है...
अपनी खाल निकलवाकर,
उसकी जूती बनवाकर भी जो माँ के पैरों में पहनाऊ... तब भी कम है...
माँ के मुझ पर एहसान बहुत है...
#रोमिल अरोरा
#रोमिल अरोरा
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