प्रण करो... अगर एक बाप की जनी हो तो....
प्रण करो... अगर एक बाप की जनी हो तो....
१- कभी मेरे ब्लॉग्स पर नहीं आओगी...
२. कभी कॉल नहीं करोगी... कभी बात नहीं करोगी... कभी मुझे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश नहीं करोगी...
३. कभी एस.एम.एस. नहीं करोगी...
भाड़ में जाओ.... भट्टी में जाओ... मैं खुद नहीं करने वाला तुमको कॉल, एस.एम.एस... घटिया लोगों को मैं अपनी ज़िन्दगी के निकाल कर बाहर फेंक देने वालों में से हूँ...
आज तक शिवानी की हिम्मत नहीं हुई की कभी बात कर सके.. मैं बाजारु लोगों से रिश्ता नहीं रखता... रुपियों, वासना की भूखे लोगों से रिश्ता नहीं रखता... कचरे की तरह अपनी ज़िन्दगी के बाहर कर देता हूँ...
जाओ मेरे शत्रुओं के तलवे जाटो...
प्रण करो... अगर एक बाप की जनी हो तो.... कभी नहीं बात करोगी मुझसे... प्रण करो...
सोचूँगा की ज़िन्दगी के ११ साल कोमा में बीता दिए मैंने... ११ साल अपनी ज़िन्दगी के बर्बाद कर दिए...
सोचूँगा की ज़िन्दगी के ११ साल कोमा में बीता दिए मैंने... ११ साल अपनी ज़िन्दगी के बर्बाद कर दिए...
रोमिल राज अरोरा
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