रोटी को कभी न नहीं करते...
अम्मी कहती थी...
पुत्तर जी.... रोटी को कभी न नहीं करते...
दुश्मन भी चाहे आये घर उसे पानी-खाना खिलाये बिना विदा नहीं करते...
पुत्तर जी.... रोटी को कभी न नहीं करते...
दुश्मन भी चाहे आये घर उसे पानी-खाना खिलाये बिना विदा नहीं करते...
पहले तो मेरी डाँट भी मुस्कुराकर सुन लेता था...
आज कल विनती भी नहीं सुनता
ऐसे उखड़े-उखड़े रहा नहीं करते...
तेरे उट्टे पग बड़ी शोणि लगेगी..
तेरे उट्टे पग बड़ी शोणि लगेगी..
शेर पुत्तर है मेरा...
चल हंस... चल हँस
ऐसे चुप-चुप कर आँसू तकिये से नहीं पोछा करते...
#रोमिल अरोरा
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