झुककर बुजुर्गों से मिला करो...
अम्मी कहती थी...
झुककर बुजुर्गों से मिला करो...
उनकी दुआओं के साथ सुबह-सुबह खिला करो...
"भालू" कभी दौलत से किसी के क़द का अंदाज़ा नहीं लगाते
संस्कार की मिट्टी में फला-फूला करो...
क्यों रखते हो ख़ामखा बटुवा में इतना रूपया "भालू"
जितनी जरुरत हो उतना ही साथ लेकर चला करो...
सरफरोशों ने न जाने कितनी पलट दी है तख्त-ए-सल्तनत
बस तुम ईमानदारी-विश्वास के साथ आगे बड़ा करो... लड़ा करो..
#रोमिल अरोरा
Comments
Post a Comment