बेटी को तालीम के जेवर पहनाओ...
अम्मी मेरी कहती थी.....
देखो कभी आने न पाए इनके आँखों में आंसू
बेटी को तालीम के जेवर पहनाओ...
सर ढकना, अदब-तहज़ीब से बोलना सिखाओ...
डरो नहीं इनके हाथो में तलवार देने से...
हक़ से जीना, हक़ लेना सिखाओ...
कभी कमरों में न क़ैद रह हँसी इनकी
कभी कमरों में न क़ैद रह हँसी इनकी
इनकी हँसी से कोठियों को सजाओ...
देखो कभी आने न पाए इनके आँखों में आंसू
इनके सपनों को पंख लगाओ...
इनकी ख्वाइशों को सर-आँखों से लगाओ...
बेटी को तालीम के जेवर पहनाओ...
#रोमिल अरोरा
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