पानी पर जहाज चल रहे है...
किसान ख़ुदकुशी कर रहे है...
इंसान बी.पी.एल. के ठप्पों के साथ मर रहे है...
आलू, प्याज, टमाटर के दाम तो बंधे नहीं बंधते...
लोग भूख से मर रहे है...
पानी पर जहाज चल रहे है...
इतनी सारी है सरकारी योजनाएँ
गरीब इसमें उलझ के मर रहे है...
मनरेगा... बंद पड़ी है फाइलों में
मज़दूर, शहर-शहर, दर-दर भटक रहे है...
पानी पर जहाज चल रहे है...
कही दस लाख का सूट....
कही इटली में शादी का जश्न...
फिर क्यों धोती वाले गाँधी के जयकारे लग रहे है...
छोड़ो मियां...
- सन
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