अब्बा के बिना अब हम अकेले है...
पतंग भी बहुत उड़ाई है
कंचे भी खूब खेले है
अब्बा के बिना अब हम अकेले है...
नमक की बोरी
चुटकी की पुड़िया
तांगे संग घोड़ों ने भी खूब दौड़ लगाई है...
वह गाली-गलौज
ढाबा का खाना
रामलीला की सैर
हमने भी माँ के बिना ज़िन्दगी बिताई है...
- सनी
कंचे भी खूब खेले है
अब्बा के बिना अब हम अकेले है...
नमक की बोरी
चुटकी की पुड़िया
तांगे संग घोड़ों ने भी खूब दौड़ लगाई है...
वह गाली-गलौज
ढाबा का खाना
रामलीला की सैर
हमने भी माँ के बिना ज़िन्दगी बिताई है...
- सनी
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