तुम इसे बीमारी कह सकते हो...
तुम इसे बीमारी कह सकते हो...
पर मुझे आदत है सच लिखने की,
सच बोलने की...
यह कारें तुम्हारी तुम्हें मुबारक हो...
मुझे आदत है पैदल चलने की...
यह हरी कड़क पत्तियों की हवाएँ तुम्हे अच्छी लगती हो...
पर मुझे आदत है धूप में सोने की...
बिकना बहुत आसान है,
बिक तो मैं भी सकता हूँ...
पर जो मेरे अंदर ईमानदारी का बुलबुला है, इसे आदत है रह-रह कर बुदबुदाने की...
- सन
पर मुझे आदत है सच लिखने की,
सच बोलने की...
यह कारें तुम्हारी तुम्हें मुबारक हो...
मुझे आदत है पैदल चलने की...
यह हरी कड़क पत्तियों की हवाएँ तुम्हे अच्छी लगती हो...
पर मुझे आदत है धूप में सोने की...
बिकना बहुत आसान है,
बिक तो मैं भी सकता हूँ...
पर जो मेरे अंदर ईमानदारी का बुलबुला है, इसे आदत है रह-रह कर बुदबुदाने की...
- सन
Comments
Post a Comment