अक्सर महंगे तोहफ़े देने वाले की नियत अच्छी नहीं होती है...
अम्मी कहती थी...
बेटियाँ... अपना दुःख छुपा लेती है...
अल्लाह ने इनको सब्र की दौलत बक्शी जो होती है...
गलतियाँ माफ़ कर दी जाती है बेटा...
मगर अपमान में माफ़ी की कोई गुंजाइश नहीं होती है...
न कहना सीखो... हक़ से न कहो...
शौहर के गुनाह में खुदा की बंदी कभी शरीक़ नहीं होती है...
बेटा... चंद मुलाक़ातें और इतना महँगा तोहफ़ा...
अक्सर महंगे तोहफ़े देने वाले की नियत अच्छी नहीं होती है...
#रोमिल अरोरा
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