अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.
दूर खड़ा अपना मीठा आशीर्वाद देता रहता
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.
समय के साथ पग-पग साथ चलता रहता
तुम गिरते तो उठा लेता
कभी समझाता
कभी डाँटता
तुम थके-खड़े रहते तो फिर चलने को कहता
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.
समय के साथ पग-पग साथ चलता रहता
तुम गिरते तो उठा लेता
कभी समझाता
कभी डाँटता
तुम थके-खड़े रहते तो फिर चलने को कहता
हिम्मत देता
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.
बच्चों को मजबूत बनाता
अपने सपनो को सच करना सिखाता
कन्धों पर अपने बोझ उठाकर बच्चों का जीवन सँवारता
अब्बा प्यार तो बहुत करता है बस कह नहीं पाता.
- सनी
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