बक....बक...बक

बक....बक...बक
एक दिन बक...बक...बक...बक-बक करते बंद हो जायूँगा।

होंठों पे बस मेरी चुप्पी सधी हुई होगी
आँखें बंद होगी 
और 
यह देह ज़मीन पे पड़ी होगी।

तुम राज-राज पुकारोगी तब भी नहीं एक-शब्द बोल पायूँगा।
एक दिन बक...बक...बक...बक-बक करते बंद हो जायूँगा।

तुम मेरी बक-बक याद करोगी,
मेरी फालतू बातों को याद कर हँसोगी,
तुम्हारे लबों पे बस यही मुस्कान छोड़ जायूँगा।
एक दिन बक...बक...बक...बक-बक करते बंद हो जायूँगा।

#रोमिल अरोरा

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