न जाने क्यों माँ मेरे पास नहीं आती
न जाने क्यों माँ मेरे पास नहीं आती
मैं चाहे जितना भी उसे पुकार लूं
मेरी आवाज़ उस तक नहीं जाती.
खुदा भी न जाने क्यों सुनकर अनसुना कर देता है
शायद किसी रोते-बिलकते बच्चे की आवाज़ उसे पसंद नहीं आती।
और
मैं उससे बेपनाह मोहब्बत करता हूँ
यह बात उसको समझ क्यों नहीं आती।
यह भी सच है रोमिल
मेरे मन से उसके लिए कडवाहट नहीं जाती।
- रोमिल
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