सुनो बहनों के भाई, भाइयों की बहन !

सुनो बहनों के भाई, भाइयों की बहन !

मैं सुल्तान हूँ... शेर... सुल्तान... वैसे ही जिया हूँ... अपनी ज़िन्दगी आज तक अपने हिसाब से जिया हूँ और ऐसे ही जीना चाहता हूँ...

कुछ भी हासिल नहीं होगा. ब्लॉग हैक करने से... पासवर्ड क्रैक करने से... इन्टरनेट बंद करवाने से... मोबाइल पर मुझे धमकी दिलवाने से... पुलिस में शिकायत करने से... मुझे रास्ते में आता देखकर छुप जाने से... गुट में बैठकर मेरी बुराई करने से... मेरे भाई से मेरी शिकायत करने से...

कुछ भी हासिल नहीं होगा... 

तुम चोर हो, डकैत हो, कमीने हो, जलील इंसान, हरामी हो, कुत्ते हो तो मैं सरे आम तुमको कहूँगा... रंडी, कुतिया हो तो मैं कहूँगा, सबके सामने कहूँगा.. और तब तक कहता रहूँगा जब तक तुम सुधर नहीं जाते या फिर ज़लालत से मर नहीं जाते.

समझे... कुछ भी हासिल नहीं होगा... 

मुझे परेशां करके रोक नहीं पाओगे. तुम एक रास्ता बंद करोगे, मैं दस रास्ते खोल लूँगा.

Comments

Popular posts from this blog

Man Chhod Vyarth Ki Chinta Tu Shiva Ka Naam Liyeja

Chalta jaye samay ka ghoda...