अम्मा
जब मुझे छोड़ कर गई अम्मा
ममतामय ज़िन्दगी सुनी हो गई
तब समझ आई क्या होती है अम्मा.
खट्टी-मीठी चटनी जैसी
खट्टे-मीठे आचार जैसी
कभी प्यार से समझाए, कभी डांटे अम्मा.
गागर में गंगा जल जैसी
घर में सबसे प्यारी, सबसे अच्छी अम्मा.
मंदिर में दीप जैसी
अँधेरे में प्रकाश जैसी
सबको ज्ञान देती अम्मा
रोमिल, सबको ज्ञान देती मेरी अम्मा.
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