बड़े उदास मन से जब माँ याद आती है...
बड़े उदास मन से जब माँ याद आती है
भूली बिसरी बचपन की यादें आँखों के सामने आ जाती है.
बड़े उदास मन से जब माँ याद आती है...
मन व्याकुल होकर उसे तलाशा करता है
घर के कोने में न जाने कहाँ ख़ुशी छुप जाती है.
बड़े उदास मन से जब माँ याद आती है...
आँखें पथरा के रसोई घर की तरफ निहारा करती है
जब कानों में गूंजती हुई उसकी आवाज़ आ जाती है.
बड़े उदास मन से जब माँ याद आती है...
जो मेरे लिए अरदास करती थी आज मन उसके लिए अरदास करता है
जब रोमिल, माँ भगवान जी के घर चली जाती है...
बड़े उदास मन से जब माँ याद आती है...
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