साँप बिलों से निकल आये है
साँप बिलों से निकल आये है
लगता है फिर चुनाव के दिन करीब आये है...
लगता है फिर चुनाव के दिन करीब आये है...
मेरे घर वाले हैरान है शायद इसलिए
पाँच साल बाद सियासी लोग हालचाल लेने आये है...
हम उनको क्या बताये अपने मोहल्ले का हाल
जो फिर वही झूठे वादों के संग आये है...
सारी फितरत को सफ़ेद निबाज़ में छुपा कर रोमिल
नेता जी फिर हमारे घर आये है...
साँप बिलों से निकल आये है
लगता है फिर चुनाव के दिन करीब आये है...
लगता है फिर चुनाव के दिन करीब आये है...
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