मानवीय स्पर्श...
मानवीय स्पर्श...
हम चाहे स्नेह भरा मानवीय स्पर्श अस्सी साल के बुजुर्ग को ही क्यों न दे, मगर वोह उसे एक बच्चे की तरह महसूस करता है. और चाहे अस्सी साल का बुजुर्ग हमको आशीर्वाद भरा मानवीय स्पर्श दे, मगर वोह उसे खुद अपने अन्दर एक बच्चे की तरह महसूस करता है.
जब लोग अस्वस्थ होते है, तब उनको करुणा, ममता भरा मानवीय स्पर्श उसके मुख पर प्यारी सी मुस्कान बिखेर देता है.
मुझे अच्छी तरह आज भी याद है गुन ने मुझे लिखा था "मुझे बेड सोर्स हो गए है". तब मैंने कहाँ था कि जहाँ - जहाँ बेड सोर्स हुए है मैं वहां कीस करके सारे बेड सोर्स ठीक कर दूंगा.
मानवीय स्पर्श किसी भी इंसान को मानसिक शांति देता है.
Comments
Post a Comment