मरने के पहले
दो घड़ी देख लू उसको मरने से पहले
रोमिल खुदा से यह आरज़ू हैं मेरी मरने के पहले
वोह खुद में ही खोया रहता है खुदा की तरह
चाहे दीवाना लाख बार मरे, मरने से पहले
मासूम चहरे पर, झूठ लपेट कर
कितनी बार ज़िन्दगी से समझौता कर लेता है इंसान, मरने से पहले
न शिकवा, न शिकायत, न दिल में कोइए बैर रखना
एक बार तोह दिल से मिल जाओ, मरने से पहले.
रोमिल खुदा से यह आरज़ू हैं मेरी मरने के पहले
वोह खुद में ही खोया रहता है खुदा की तरह
चाहे दीवाना लाख बार मरे, मरने से पहले
मासूम चहरे पर, झूठ लपेट कर
कितनी बार ज़िन्दगी से समझौता कर लेता है इंसान, मरने से पहले
न शिकवा, न शिकायत, न दिल में कोइए बैर रखना
एक बार तोह दिल से मिल जाओ, मरने से पहले.
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