अब कोई उससे पूछता नहीं
अब कोई उससे पूछता नहीं
शाम हो गई तू घर जाता क्यों नहीं?
प्यासी ज़मीन कब से कर रही यह आस
ए खुदा तू बरसात लाता क्यों नहीं?
दौलत की वजह से ही बिछड़ गए दोनों
मोहब्बत को अब कोइए परखता क्यों नहीं?
खुदा के घर चले जाने वाला लौट कर आता नहीं
यह बात उस पागल को रोमिल, कोई समझाता क्यों नहीं?
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