चलो रास्ते से दोस्ती कर लेते है
चलो रास्ते से दोस्ती कर लेते है
दो क़दम साथ उसके चलते है
राह में लगे फूलों की खुशबू लेते है
तन्हाई को भूल कर रंगीन तितलियों को पकड़ते है
किसी पेड़ के नीचे थोड़ी देर सो जाते है
ठंडी - ठंडी हवा का आनंद लेते है
चलो थोडा चौराहे पर बैठते है और इस भागती हुई दुनिया को करीब से देखते है
और समझते है
यह दूनिया इतनी भागती क्यों है???
यह रास्ते खत्म क्यों नहीं होते???
रोमिल ज़िन्दगी खत्म हो जाती मगर रास्ते ख़तम क्यों नहीं होते???
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