उदासी का तबस्सु
रोमिल उदासी का तबस्सुम कुछ इस तरह हटा लेते है
राह चलते हुए किसी पर भी मुस्कुरा लेते है
गुस्से पर भी प्यार किया करो
यह किसी से सीखाया था तुमको रोमिल
बस इसी अंदाज़ में उसकी यादों में दुबकी लगा लेते है...
मुस्कुराता हुआ ही वोह अच्छा लगता है रोमिल
इसलिए हम खुद को जोकर बना लेते है...
जिनके चहरे पर नकाब हुआ करते है रोमिल
वही शायद ज़िन्दगी को पहचान लेते है...
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