समेत लूं.

कही बह न जाये इसमें अपना रिश्ता 
उससे मिलाने से पहले 
मैं अपनी आँखों का समुन्दर समेत लूं
*
बड़ी जोर आ आया हैं तूफ़ान अब की बार
कही बह न जाऊ, उससे पहले
यादें समेत लूं.
*
वक़्त के साथ - साथ रंग बदलते रहे अपने
उससे पहले दुश्मन हो जाये
दोस्त समेत लूं..
*
आज कल जिससे देखो खुदा बनने में लगा हैं
उससे पहले इंसान न रह जाये
इंसान समेत लूं...
[written by Romil - copyright reserved] 

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