2010 HIGHLIGHTS
2010 HIGHLIGHTS
- JOB
10 अक्टूबर को नौकरी के १२ साल पूरे हो गए...
LESSON LEARNT
आप चाहे कितने भी साल ईमानदारी से काम कर ले, मेहनत से काम कर ले.. मगर कभी भी कंपनी/ कंपनी मालिक आपके बारे में नहीं सोचेंगे... न कभी आपके किये कामो को याद करेंगे... न आपके दिए हुए उन सालो को याद करेंगे... इसलिए आज कल COMPANIES में STAFF RATIO अच्छा नहीं है.. इसलिए लोग ज्यादा समय एक ही कंपनी में जॉब करना नहीं चाहते है... इसलिए सिर्फ अच्छे वेतन और फसिलिटी के लिए जॉब करते हैं... इसलिए आज कल कोइए ईमानदारी नहीं करता... कंपनी मालिक सब कुछ भूल जाता हैं की आपने कंपनी के लिए कितना काम किया... कितना प्रोफिट कंपनी को कमा कर दिया...
LESSON LEARNTअच्छा हैं ब्लॉग पर लिख दो...
न कॉपी का झंझट
न पेन, इंक का झंझट
न storage का झंझट
न कॉपी खो जाना का झंझट
न कॉपी में दीमक लग जाने का झंझट
न कॉपी साथ लेकर यात्रा करने का झंझट
ब्लॉग पर लिख दो... कही पर भी आप उसको खोल सकते हो... रीड कर सकते हो... और adsense से income भी कमा सकते हो...
- OTHERS
ईमानदारी से लिखता हूँ... ईमानदारी से बोलता हूँ... बिलकुल भी अब डरता नहीं हूँ... इसलिए मैंने अपना ब्लॉग ओपन रखा है... सच को पूरी ईमानदारी के साथ अपनाता हूँ...
अपनी एक्टिवा बेच दी...
लैपटॉप भी बेच दूंगा...
सारे लोन उतार दिए...
बचत पर ज्यादा ध्यान दिया.. जिसके लिए अपना खर्चा ५० % कम कर दिया... जहाँ रोज १०० रूपया चाय, नास्ता में खर्चा होता था, अब केवल ५० रूपया लिमिट से ज्यादा नहीं होता... HDFC MUTUAL FUND लिया... LIC POLICIES ली... अब बस से सफ़र करने लगा, बस का पास बनवाया...
- JOB
10 अक्टूबर को नौकरी के १२ साल पूरे हो गए...
LESSON LEARNT
आप चाहे कितने भी साल ईमानदारी से काम कर ले, मेहनत से काम कर ले.. मगर कभी भी कंपनी/ कंपनी मालिक आपके बारे में नहीं सोचेंगे... न कभी आपके किये कामो को याद करेंगे... न आपके दिए हुए उन सालो को याद करेंगे... इसलिए आज कल COMPANIES में STAFF RATIO अच्छा नहीं है.. इसलिए लोग ज्यादा समय एक ही कंपनी में जॉब करना नहीं चाहते है... इसलिए सिर्फ अच्छे वेतन और फसिलिटी के लिए जॉब करते हैं... इसलिए आज कल कोइए ईमानदारी नहीं करता... कंपनी मालिक सब कुछ भूल जाता हैं की आपने कंपनी के लिए कितना काम किया... कितना प्रोफिट कंपनी को कमा कर दिया...
एक AUDIT ने मुझे बहुत अच्छा LESSON LEARNT करवाया.... मुझे पता चल गया... कंपनी मालिक को सिर्फ अपने प्रोफिट से मतलब होता है... उससे कभी भी आपकी ईमानदारी, आपकी इज्ज़हत, आपके स्वाभिमान, आपके मान-सम्मान की कोइए परवाह नहीं होती...
मैंने हमेशा कंपनी के प्रोफिट के लिए काम किया... कंपनी के हर डिपार्टमेंट के लिए काम किया... फिर चाहे वोह Finance, HR, Operations, Field, Audit, Reporting, Project Proposal, Letters drafting, Hindi Typing, Data Entry हो... यहाँ तक मैंने ऑफिस बॉय की तरह भी काम किया...
इस बात को कंपनी का हर शख्स मानता हैं...कंपनी मालिक भी मानते हैं... मेरा एक्साम्प्ले भी स्टाफ को देते हैं...
रात रात भर जाग कर काम करता था... अपने एक्साम की परवाह नहीं करता था... सच में बहुत मेहनत की, जिसको शब्दों में नहीं कहाँ जा सकता... मेरे पैरों में fracture हो गया था.. और एक बार हाथ में भी हुआ था... तब भी मैंने मेडिकल होलीडे नहीं लिया... और उस पर कंपनी/ कंपनी मालिक मेरे दवाई का खर्चा नहीं दे सके.. मैं, 500 kms. दूर, field से खुद, अपने खर्चे पर कार करके ऑफिस आया था... हर expenditure का मैंने पेमेंट किया...
मगर अब ०.१ % भी इस कंपनी में काम करने का मन नही करता... मैं खुद चाहता हूँ की वोह मुझसे मेरा Resignation Letter मांग ले... खुद मुझे काम पर आने से मना कर दे...
वैसे जहाँ पर आपकी ईमानदारी, आपकी इज्ज़हत, आपके स्वाभिमान, आपके मान-सम्मान की कोइए परवाह न हो, वहाँ काम नहीं करना चाहिए... जहाँ पर कंपनी मालिक, कर्मचारी के भविष्य के बारे में न सोचे, कर्मचारी को minimum facility न दे.... वहाँ काम नहीं करना चाहिए...
सच कहू तो अब कही भी जॉब नहीं कर पायूँगा...
अपना बिज़नस जरुर शुरू करूँगा...
कभी अपने काम से बेईमानी नहीं कर पता हूँ... क्यूंकि खुद से रूबरू हो सकू और फिर उस अल्लाह के पास भी तो जाना हैं...
- EDUCATION
मैंने हमेशा कंपनी के प्रोफिट के लिए काम किया... कंपनी के हर डिपार्टमेंट के लिए काम किया... फिर चाहे वोह Finance, HR, Operations, Field, Audit, Reporting, Project Proposal, Letters drafting, Hindi Typing, Data Entry हो... यहाँ तक मैंने ऑफिस बॉय की तरह भी काम किया...
इस बात को कंपनी का हर शख्स मानता हैं...कंपनी मालिक भी मानते हैं... मेरा एक्साम्प्ले भी स्टाफ को देते हैं...
रात रात भर जाग कर काम करता था... अपने एक्साम की परवाह नहीं करता था... सच में बहुत मेहनत की, जिसको शब्दों में नहीं कहाँ जा सकता... मेरे पैरों में fracture हो गया था.. और एक बार हाथ में भी हुआ था... तब भी मैंने मेडिकल होलीडे नहीं लिया... और उस पर कंपनी/ कंपनी मालिक मेरे दवाई का खर्चा नहीं दे सके.. मैं, 500 kms. दूर, field से खुद, अपने खर्चे पर कार करके ऑफिस आया था... हर expenditure का मैंने पेमेंट किया...
मगर अब ०.१ % भी इस कंपनी में काम करने का मन नही करता... मैं खुद चाहता हूँ की वोह मुझसे मेरा Resignation Letter मांग ले... खुद मुझे काम पर आने से मना कर दे...
वैसे जहाँ पर आपकी ईमानदारी, आपकी इज्ज़हत, आपके स्वाभिमान, आपके मान-सम्मान की कोइए परवाह न हो, वहाँ काम नहीं करना चाहिए... जहाँ पर कंपनी मालिक, कर्मचारी के भविष्य के बारे में न सोचे, कर्मचारी को minimum facility न दे.... वहाँ काम नहीं करना चाहिए...
सच कहू तो अब कही भी जॉब नहीं कर पायूँगा...
अपना बिज़नस जरुर शुरू करूँगा...
कभी अपने काम से बेईमानी नहीं कर पता हूँ... क्यूंकि खुद से रूबरू हो सकू और फिर उस अल्लाह के पास भी तो जाना हैं...
- EDUCATION
MBA पूरा किया...
बहुत सी किताबे पढ़ डाली... कम से कम ५० + होंगी...
कई Finance Computerized Packages को देखा, समझा और सीखा...
कई Finance, HR, Operations policies, manuals को पढ़ा और सीखा...
Business Standard Daily Newspaper (HINDI) और Business Today magazine को subscribe किया...
बहुत से टीवी शो रेगुलर देखता हूँ.. Tax Guru, Your Money, Tax Doctor, Property Guru etc.
LESSON LEARNT
बहुत सी किताबे पढ़ डाली... कम से कम ५० + होंगी...
कई Finance Computerized Packages को देखा, समझा और सीखा...
कई Finance, HR, Operations policies, manuals को पढ़ा और सीखा...
Business Standard Daily Newspaper (HINDI) और Business Today magazine को subscribe किया...
बहुत से टीवी शो रेगुलर देखता हूँ.. Tax Guru, Your Money, Tax Doctor, Property Guru etc.
LESSON LEARNT
नाज़ के जाने के बाद, क्लास ९ से मैं सच में पढाई नही कर पाता था... मन ही नहीं करता था... न माँ ने, न कभी भाई ने ध्यान दिया, न कभी कुछ पढाई के लिए कहाँ...
फिर जिस तरह गुन से मुझे अपमान मिला, मुझे यह एहसास हुआ की मुझे अपनी पढाई पूरी करनी चाहिए... अब डॉक्टर या इंजिनियर बन नहीं सकता था, इतना रूपया हैं नहीं पास में और जॉब करना घर की जिम्मेदारी के लिए जरुरी था... CA, ICWA के लिए मन नहीं किया... CS के लिए apply जरुर किया था... मगर continue नहीं किया...
नौकरी के समय मैंने MBA छोड़ दिया था, फिर सोचा चलो उसे पूरा करते हैं... मेहनत की... पूरा किया.... बड़ी मुश्किल से मार्कशीट मिली हैं....
अल्लाह कुरान-ए-पाक में फरमाते हैं की हर शख्स को इल्म जरुर हासिल करना चाहिए... यही मुझे नाज़ ने भी कहाँ था... अब मेरी यही कोशिश रहती हैं की में इल्म हासिल जरुर करू... उसके लिए हर मेहनत करू... जरुर किताबे पढू... कम से कम १ chapter तोह रोज़ पढू...
फिर जिस तरह गुन से मुझे अपमान मिला, मुझे यह एहसास हुआ की मुझे अपनी पढाई पूरी करनी चाहिए... अब डॉक्टर या इंजिनियर बन नहीं सकता था, इतना रूपया हैं नहीं पास में और जॉब करना घर की जिम्मेदारी के लिए जरुरी था... CA, ICWA के लिए मन नहीं किया... CS के लिए apply जरुर किया था... मगर continue नहीं किया...
नौकरी के समय मैंने MBA छोड़ दिया था, फिर सोचा चलो उसे पूरा करते हैं... मेहनत की... पूरा किया.... बड़ी मुश्किल से मार्कशीट मिली हैं....
अल्लाह कुरान-ए-पाक में फरमाते हैं की हर शख्स को इल्म जरुर हासिल करना चाहिए... यही मुझे नाज़ ने भी कहाँ था... अब मेरी यही कोशिश रहती हैं की में इल्म हासिल जरुर करू... उसके लिए हर मेहनत करू... जरुर किताबे पढू... कम से कम १ chapter तोह रोज़ पढू...
- FAMILY
सबसे रिश्ता ख़त्म... माँ के साथ हूँ, सिर्फ फ़र्ज़ निभा रहा हूँ...
गुन को याद करता हूँ... सिर्फ फ़र्ज़ निभा रखा हूँ...
सी की ख़ुशी चाहता हूँ... सिर्फ फ़र्ज़ निभा रखा हूँ...
LESSON LEARNT
कहते हैं माँ- पिता, बड़ा bhai एक caretaker की तरह होते हैं... जो हर पल आपको guidance देते हैं...
मगर मुझे तो ऐसा लगा जैसे यह सिर्फ मुझे दुःख, दर्द देने के लिए बने हैं...
मुझे अब किसी से कोइए शिकवा, गिला नहीं...
नाज़ मेरा रब जो न्याय करना चाहे वोह करे... वोह रब का फैसला होगा...
वोह कहते हैं
" इंसान खून के रिश्ते से महान नहीं बनता
बल्कि रूह की ताक़त से महान बनता हैं"
अब किसी से कोइए रिश्ता नहीं... सिर्फ अपनी रूह को पाक रखना हैं... खुद से रूबरू होना हैं... जितने दिन ज़िन्दगी जियो खुद की रूह को पाक रखो..
- FRIENDS
नाज़ दोस्त नहीं रब हैं...
कोइए भी नहीं... जो मिल भी जाते हैं... पहचानता ही नहीं...
LESSON LEARNT
जब किसी को काम होता हैं, तब रोमिल अपने आप सबको याद आ जाता हैं... वरना रोमिल चाहे भट्टी में जाये, किसी को क्या मतलब....
रब से दोस्ती करो... हर पल रब आपके साथ होगा...
गुन को याद करता हूँ... सिर्फ फ़र्ज़ निभा रखा हूँ...
सी की ख़ुशी चाहता हूँ... सिर्फ फ़र्ज़ निभा रखा हूँ...
LESSON LEARNT
कहते हैं माँ- पिता, बड़ा bhai एक caretaker की तरह होते हैं... जो हर पल आपको guidance देते हैं...
मगर मुझे तो ऐसा लगा जैसे यह सिर्फ मुझे दुःख, दर्द देने के लिए बने हैं...
मुझे अब किसी से कोइए शिकवा, गिला नहीं...
नाज़ मेरा रब जो न्याय करना चाहे वोह करे... वोह रब का फैसला होगा...
वोह कहते हैं
" इंसान खून के रिश्ते से महान नहीं बनता
बल्कि रूह की ताक़त से महान बनता हैं"
अब किसी से कोइए रिश्ता नहीं... सिर्फ अपनी रूह को पाक रखना हैं... खुद से रूबरू होना हैं... जितने दिन ज़िन्दगी जियो खुद की रूह को पाक रखो..
- FRIENDS
नाज़ दोस्त नहीं रब हैं...
कोइए भी नहीं... जो मिल भी जाते हैं... पहचानता ही नहीं...
LESSON LEARNT
जब किसी को काम होता हैं, तब रोमिल अपने आप सबको याद आ जाता हैं... वरना रोमिल चाहे भट्टी में जाये, किसी को क्या मतलब....
रब से दोस्ती करो... हर पल रब आपके साथ होगा...
- BLOGGER SITE
१० ब्लोग्स हैं मेरे... कुछ न कुछ करता रहता हूँ उन ब्लोग्स पर... माय ब्लॉग लिस्ट में सभी के नाम हैं...
१० ब्लोग्स हैं मेरे... कुछ न कुछ करता रहता हूँ उन ब्लोग्स पर... माय ब्लॉग लिस्ट में सभी के नाम हैं...
LESSON LEARNTअच्छा हैं ब्लॉग पर लिख दो...
न कॉपी का झंझट
न पेन, इंक का झंझट
न storage का झंझट
न कॉपी खो जाना का झंझट
न कॉपी में दीमक लग जाने का झंझट
न कॉपी साथ लेकर यात्रा करने का झंझट
ब्लॉग पर लिख दो... कही पर भी आप उसको खोल सकते हो... रीड कर सकते हो... और adsense से income भी कमा सकते हो...
- OTHERS
ईमानदारी से लिखता हूँ... ईमानदारी से बोलता हूँ... बिलकुल भी अब डरता नहीं हूँ... इसलिए मैंने अपना ब्लॉग ओपन रखा है... सच को पूरी ईमानदारी के साथ अपनाता हूँ...
अपनी एक्टिवा बेच दी...
लैपटॉप भी बेच दूंगा...
सारे लोन उतार दिए...
बचत पर ज्यादा ध्यान दिया.. जिसके लिए अपना खर्चा ५० % कम कर दिया... जहाँ रोज १०० रूपया चाय, नास्ता में खर्चा होता था, अब केवल ५० रूपया लिमिट से ज्यादा नहीं होता... HDFC MUTUAL FUND लिया... LIC POLICIES ली... अब बस से सफ़र करने लगा, बस का पास बनवाया...
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