नाज़... चलो कुछ स्थिति सुनाता हूँ...
नाज़... आडिट की वजह से वैसे भी अब मुस्कुराये हुए वक़्त हो गया... चलो कुछ स्थिति सुनाता हूँ... फिर तोह हमको १००% नाज़ से मार पड़ेगी.... हा हा हा हा हा हा
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१
क़दम क़दम पर वोह आँखें बिछाए खड़े थे
अपने यार के इंतज़ार में वोह बाहें फैलाये खड़े थे...
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२
कभी नूर - ए - चहरे को दिखाना
कभी दुपट्टे से चहरे को बांधना
कभी चोरी की निगाह से हमको देखना
माशाल्लाह
कितनी अदाएं लपेटे हुए थे...
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३
वोह झुकती नज़रों से किताब को पढ़ना
तेज़ हवा में पन्नो का फड फाड़ना
वोह चश्मे का बस के फ़लूर पर गिरना
उसकी जुबान से रब्ब का नाम निकलना
बहुत खूबसूरत पल थे वोह...
बहुत खूबसूरत पल थे वोह...
[copyright reserved]
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क़दम क़दम पर वोह आँखें बिछाए खड़े थे
अपने यार के इंतज़ार में वोह बाहें फैलाये खड़े थे...
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२
कभी नूर - ए - चहरे को दिखाना
कभी दुपट्टे से चहरे को बांधना
कभी चोरी की निगाह से हमको देखना
माशाल्लाह
कितनी अदाएं लपेटे हुए थे...
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३
वोह झुकती नज़रों से किताब को पढ़ना
तेज़ हवा में पन्नो का फड फाड़ना
वोह चश्मे का बस के फ़लूर पर गिरना
उसकी जुबान से रब्ब का नाम निकलना
बहुत खूबसूरत पल थे वोह...
बहुत खूबसूरत पल थे वोह...
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